Emotional Story of a dog || Dog emotional hindi kahani || Hindi Moral Story || hindi kahaniya

क्या किसी ने सोचा है के जानवरों में भी फीलिंग्स होती है? शायद हाँ .. या शायद नहीं ….. क्योकि ऐसा बोहुत कम लोग ही समझते है!! इनकी न प्यार करने मे कोई शर्त होती है ना ही कोई लालच. एक जानवर का प्यार हमेशा सच्चा होता है|

आज जो कहानी मैं आपको बताने जा रही हूं वो एक सच्ची कहानी है।
ये कहानी एक कुत्ते की कहानी है जो रात भर अपने मालिक को इतने सोते हुए देखा करता था। जब मुझे इस बात का कारन पता चला था तो मेरी आंखों में आंसू आ गए थे।

कुछ साल पहले एक आदमी ने डॉग शेल्टर से एक डॉग एडॉप्ट किया। वो बहुत खुश था क्योकी उसे अपने घर में एक कुत्ते की जरूरत थी और वह कुत्तों से बहुत प्यार करता था। जब वे ये कुत्ता अडॉप्ट कर रहा था उसे ये नहीं पता था के ये कुत्ता इतना अभिव्यक्तिपूर्ण या भावनात्मक होगा।जेसे ही वो घर मैं उस कुत्ते को ले कर आता है। कुत्ता नया घर देख कर बहुत खुश होता है। कुछ ही मिनट में डॉग घर के सभी सदस्यों के साथ घुल मिल जाता है।

 

उसकी आँखों में मैं अजीब से चमक होती है मानो उसका सपना सकार हो गया हो।

उसके रहने के लिए उसके मालिक ने अपने बेडरूम के पास जगह दी थी। उसने वहां एक ग्रिल लगाई … ताकि उसका डॉग बेडरूम में ना जाए।


वो बहुत इंटेलिजेंट डॉग था। सुबह अखबार लाने से ले कर। दादी को सैर कराने तक वो हर किसी चीज का ध्यान रखता। ऐसा करते हुए कई दिन बीत गए।

लेकिन एक रात अचानक उसके मालिक ने उसकी एक अजीब आदत नोटिस की। रात में जब वे आदमी पानी पिने के लिए उठा तो उसने देखा के उसका कुत्ता उस ग्रिल पर अपने अगले के दोनो जोड़ी रख कर खड़ा है और उसे देख रहा है। उसे लगा के वो देख रहा होगा के मैं क्यों उठा हूं। इस बात को उसे कुछ खास नई समझा।

 

लेकिन उसकी इस आदत को उस आदमी ने नोटिस करना शुरू कर दिया। वो कुत्ते अपने मालिक को पूरी रात देखता रहता था। मालिक जब भी रात में उठता उसका डॉग अपने मालिक को देख रहा होता था। यह आदत उस आदमी को बड़ी अजीब लगी। क्योकि किसी सोते हुए आदमी को उसके डॉग का पूरी रात देखना एक अजीब आदत थी।

 उस आदमी को लगा शायद ये आरामदायक नहीं होता होगा तो उस ने अपने कुत्ते के लिए नया बिस्तर बनवाया और उसके साथ ओर ज्यादा टाइम स्पेंड करना लगा। मगर वो कुत्ता हर बार की तरह अपने मालिक को पूरी पूरी रात देखता रहता।
फिर ये बात उसे डॉक्टर को बताई और चेकअप के लिए जानवारों के डॉक्टर को विजिट किया। डॉक्टर ने बताया के आपका कुत्ता एक दम ठीक है। ये सुन कर वे आदमी और ज्यादा परेशान हो गया। 

 

काफी सोचने के बाद उस आदमी ने वही पर जाना ठीक समझा जहां से उसने डॉग को अपनाया था।

जब आदमी ने अपने कुत्ते की सारी रात जग कर देखते रहने वाली आदत के बारे में बताया। तो वहाँ काम करने वालों ने जो बोला वो सुन कर उस आदमी की आंखों में आंसू आ गए।

असल में बताया इसके पुराने मालिक ने इसे रात में घर से शिफ्ट करके पशु आश्रय में ले आया था उस वक्त ये कुत्ता सो रहा था। उसने ऐसा इसलिए किया क्योकी उसकी वाइफ प्रेग्नेंट थी इस वजह से उसने सोचा के वो इस डॉग की केयर नई कर पाएगा। जब डॉग सो कर उठा तो उसे पता चला के उसके मालिक ने उसे घर से निकला दिया है ।

इसलिए जब वो नए मलिक के पास गया तो अपने डर पर कंट्रोल नहीं कर पा रहा था। के शायद उसका नया मालिक भी उसे रात में सोते वक्त कहीं घर से बाहर निकल कर पशु आश्रय में ना छोड़ आए। इस बात के चलते वे रात भर अपने मालिक को सोते हुए देखता रहता। ये सब सुन कर उस आदमी की आंखों में आंसू आ गए और वे सीधा अपने घर गया और उस डॉग को गले लगा कर रोया।

 

फिर उसने उस ग्रिल को हटाया ताकि कुत्ता उसके बेडरूम में कहीं भी आ सके और उसका बिस्तर अपने बिस्तर के पास लगाया तकी उसका वह डर दूर हो जाए। धीरे धीरे वे कुत्ता रात में सोने लगा उसे अपने नए मालिक पर विश्वास हो गया था।
तो बच्चों हम सबको इन जनवरों की भावनाओं को ध्यान में रखना चाहिए । शायद ये बोल कर नई बता पाए लेकिन फीलिंग्स इनके भी दर्द होती है। इनमें हम से जदा फीलिंग्स होती है। कुत्ते हमेशा आपका ख्याल रखते हैं। ये कोई खिलौना नहीं है जिसे आप जब मन भर जाए तो घर से बाहर निकल दे!

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin

Перспективы интерактивных платформ и пользовательского восприятия

Перспективы интерактивных платформ и пользовательского восприятия Виртуальная преобразование радикально изменяет варианты сотрудничества человека с технологиями. То, что еще десять лет назад мыслилось научной фантастикой, ныне

Read More »

Каким способом интерактивные механизмы создают практику

Каким способом интерактивные механизмы создают практику Что пользователи называем интерактивностью и почему это столь манит Отзывчивость является двустороннее взаимодействие среди юзером и платформой, при котором

Read More »

Каким образом ожидания выстраивают внутренний настрой

Каким образом ожидания выстраивают внутренний настрой Психоэмоциональный фон нечасто формируется спонтанно. В большинстве случаев всего он выстраивается заранее, ещё до того момента, когда субъект сталкивается

Read More »