jadui lipstick – जादुई लिपस्टिक | Jadui Lipstic | Magical Lipstic | Hindi Kahaniya | Moral Stories

नन्दी नाम की एक गांव में सपना और पिंकी नाम की दो बहने रहती थी |

पिंकी दिखने में बहुत सुंदर थी सपना पिंकी से बड़ी थी |  वह भी दिखने में बहुत सुंदर थी लेकिन उसके होंठ बिल्कुल काले थे | उसके काले होठों के वजह से पिंकी हमेशा उसकी मजाक उड़ाती थी |  वो दोनों अपने मम्मी पापा के साथ रहते थे | उनकी मम्मी भी सपना के ऐसे होठों के वजह से बहुत परेशान रहती थी |

 

ऐसे ही एक  दिन घर में पिंकी सपना की मजाक उड़ा रही थी |

पिंकी – सपना तेरे होंठ क्यों काले हैं पता है क्योंकि मम्मी पापा ने तुझे काले जंगल से उठा लाए थे |  इसलिए तो मम्मी पापा मुझसे ज्यादा प्यार करते हैं |

सपना पिंकी की बात सुनकर दुखी हो जाती है | तब वहां पर उनकी मम्मी आती है |

सपना –  मम्मी मेरे होंठ काले हैं इसलिए आप और पापा मुझसे प्यार नहीं करते |

मां – बेटी यह सब तुम क्या बोल रहे हो कोई भी मां के लिए उनका बच्चा खराब नहीं होता | मैं पिंकी से जितना प्यार करती हूं तुमसे भी उतना ही प्यार करती हूं |

 

यह कहकर उसकी मां वहां से चली जाती है | पिंकी फिर सपना की मजाक उड़ाना शुरू कर देती है |

ऐसे ही कुछ दिन निकल गए एक दिन सपना कॉलेज जाने के लिए घर से बाहर निकली|  जब वह कॉलेज जा रही थी तब रास्ते में पिंकी और उसकी सहेलियां खड़ी होकर बात कर रहे थे |  उन लोगों ने जब सपना को देखा

 

सहेली – अरे यह तेरी वो काले होंठ वाली बहन है ना

पिंकी – अरे सब के सामने मत बोल अगर सबको पता चल गया तो सब मेरा मजाक उड़ाएंगे |

 

सहेली – लेकिन इसके होंठ इतने काले क्यों है ?बचपन में इसने काला लिपस्टिक लगा लिया था क्या? 

पिंकी – मुझे तो लगता है इसके होठों में आग लग गया था और इसके होठ जल के काले हो गए | 

सहेली 2 – हां हां मुझे भी ऐसा ही लगता है |  इसके तो बहुत पैसे बच जाते होंगे इसको लिपस्टिक की जरूरत नहीं पड़ती होगी |

वह सब लोग सपना को लेके हंसी मजाक करने लगे | सपना यह सुनकर बहुत दुखी हो गई और वहां से चली गई हो गई कुछ सालों बाद सपना और पिंकी बड़ी हो गयी और उनकी शादी की उम्र हो गई | तब एक दिन उनकी माँ उनसे बोली |

मां – सपना  बेटी तू पिंकी से बड़ी है इसीलिए तेरी शादी करवाने के लिए हमने एक लड़का ढूंढा है | कल लड़के वाले तुझे देखने आएंगे |

 

पिंकी – लेकिन माँ इसके ऐसे होंठ देखकर कोई इससे शादी नहीं करेगा |

मां –  पिंकी ऐसा नहीं कहते सपना बेटी तुम कल अच्छे से तैयार हो जाना और होठों में बहुत सारे लिपस्टिक लगा लेना | ताकि लड़के वालों को तुम्हारी होठों के बारे में पता ना चले | 

सपना –  लेकिन माँ किसी को झूठ बोलने से तो पाप लगता है |

अगले दिन सुबह लड़के वाले सपना को देखने के लिए उनके घर आते हैं | जैसे ही सपना बाहर आई उसको देखकर लड़के की मां बोली |

मां 2- अरे छी इसके होंठ तो बिल्कुल काले है | 

 

मां – नहीं नहीं इसने ना कल गलती से खराब लिपस्टिक लगा लिया था तब से इसके होंठ ऐसे हो गए | आप फिकर मत कीजिए इसके होंठ बिल्कुल लाल है |

सपना –  नहीं आंटी मम्मी आपको झूठ बोल रही है मेरे होठ बचपन से ही ऐसे हैं | यह सुनकर लड़के वालों ने शादी के लिए मना कर दिया और वहां से चले गए | यह देखकर पिंकी बहुत गुस्सा हो गई और सपना से बोली

पिंकी – जब तक तू इस घर में है मेरी कभी शादी नहीं होगी | या तो तू इस घर से निकल जा या में ये घर छोड़कर चली जाउंगी |

पिंकी की बात सुनकर सपना बहुत दुखी हो कर घर से बाहर चली गई |

 

चलते चलते वो एक जंगल के पास पहुँच गई | जब वो उस जंगल के पास से जा रही थी तब उसे बूढ़ी औरत दिखाई दि |  उनकी हालत बहुत खराब थी और वह कुएं के पास पानी निकालने की कोशिश कर रही थी | सपना –  क्या हुआ दादी आप यहां पर क्या कर रही हो ?

दादी – बेटी मुझे बहुत प्यास लगी है | मैंने बहुत लोगों से थोड़ा पानी मांगा लेकिन किसी ने मुझे थोड़ा पानी पीने के लिए नहीं दिया |

सपना –  लेकिन अब इस कुएं के सामने क्या कर रही है ?

 

दादी – मैं बोहोत देर से इस कुएं से पानी निकालने की कोशिश कर रही हूं | पर मुझसे नहीं हो रहा है | क्या तुम मेरी मदद करोगी ?

सपना –  हां दादी क्यों नहीं आप इधर आइए मैं पानी निकाल रही हूं |

यह कहकर सपना उस कुएं से पानी निकाल कर उस बूढ़ी औरत को पीने के लिए देती है | पानी पीने के बाद उनकी हालत ठीक हो जाती है | तो वह सपना से कहती है

 

 दादी – बेटी तुमने पानी पिलाकर मेरी जान बचाई है | मैंने बहुत लोगों से मदद मांगा था लेकिन किसी ने मेरी मदद नहीं कि तुम्हारी दिल बहुत साफ है और तुम दूसरों की दर्द को समझते हो इसीलिए मैं तुम्हें कुछ देना चाहती हूं | 

यह कहकर वह दादी अपना हाथ आगे करती है और उस जगह पर

 

लिपस्टिक की बारिश होने लगती है | सपना यह देख चौंक जाती है तब वो दादी उससे कहती है |

दादी – बेटी अब कोई एक लिपस्टिक उठाकर तुम अपने होठों पर लगा लो फिर देखना तुम्हारे होंठ सबसे सुंदर हो जाएंगे |  फिर तुम्हें कोई कुछ नहीं बोल पाएगा |

उसके बाद सपना जैसे ही लिपस्टिक अपने होठों पर लगाते हैं | उसके होंठ बिल्कुल लाल हो जाते हैं | वो अपने होंठो को देखकर बहुत खुश हो जाती है और वह खुशी से नाचने लगती है |

 

फिर सपना वहा से अपने घर वापस चली गई | जैसे ही वो घर जाती हैं उसके लाल होंठ देखकर सब लोग हैरान हो जाते हैं |

मां -तूने क्या किया? तेरे होठ कैसे इतने सुंदर हो गए?

सपना ने अपने मां को सब कुछ बताया | यह सुनकर माँ बहुत खुश हो गई | लेकिन पिंकी सपना को देख कर जलने लगी और मन ही मन सोचने लगी, अगर मेरे होंठ भी इसके जैसे सुंदर नहीं हुआ तो कोई भी मुझसे प्यार नहीं करेगा | मैं भी कल उस दादी के पास जाऊंगी |

 

अगले दिन सुबह पिंकी एक पानी का बोतल लेकर उस बूढ़ी औरत को ढूंढते ढूंढते जंगल के पास पहुंच जाती है | तब उसे वो बूढी औरत मिल जाती है | तब पिंकी उनसे कहती है ये

लीजिये में आपके लिए पानी लेकर आई हूं अब मेरे लिए जादुई लिपस्टिक की बारिश करवा दो |

 

दादी – अभी बारिश की कोई जरूरत नहीं है | मुझे पता था तुम आओगी इसीलिए मैंने तुम्हारे लिए पहले से लिपस्टिक रखा है | तुम ये लो

 

पिंकी उनसे लिपस्टिक लेके अपने होठों में लगा लेती है और उसके होंठ कोयला जैसे काले हो जाते हैं |

 

ये देखकर वो औरत हसने लगती है |

पिंकी – तुमने मेरे साथ ऐसे क्यों किया ?

 दादी – क्यूंकि तुमको अपने खूबसूरती का बहुत घमंड है और दूसरों के कमियों का मजाक उड़ाने में तुमको मजा आता है | अब तुम्हें पता चलेगा जब कोई तुम्हारा मजाक उड़ाए तब कैसा लगता है |

पिंकी – मुझे माफ कर दीजिए मैं कभी किसी का मजाक नहीं उडाऊंगी | मुझे अपनी गलती का एहसास हो गया | 

दादी – अच्छा ठीक है मैं तुम्हें माफ कर देती हूं लेकिन अगले एक  साल तक तुम्हारे होंठ ऐसे ही रहेंगे |

 

ऐसा कहते ही वह बूढी औरत एक जिन्न के रूप मैं आती है और बताती है के वह एक जादुई जिन्न है और ऐसा कहते ही वह पास में बने तालाब में चला जाता है।

पिंकी घर आ कर सपना से माफ़ी मांगती है ।

 

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin

Перспективы интерактивных платформ и пользовательского восприятия

Перспективы интерактивных платформ и пользовательского восприятия Виртуальная преобразование радикально изменяет варианты сотрудничества человека с технологиями. То, что еще десять лет назад мыслилось научной фантастикой, ныне

Read More »

Каким способом интерактивные механизмы создают практику

Каким способом интерактивные механизмы создают практику Что пользователи называем интерактивностью и почему это столь манит Отзывчивость является двустороннее взаимодействие среди юзером и платформой, при котором

Read More »

Каким образом ожидания выстраивают внутренний настрой

Каким образом ожидания выстраивают внутренний настрой Психоэмоциональный фон нечасто формируется спонтанно. В большинстве случаев всего он выстраивается заранее, ещё до того момента, когда субъект сталкивается

Read More »
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *